Union Budget 2025: आम लोगों को कितना लुभाएगा बजट

Union Budget 2025: 1 फरवरी 2025, शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे आम बजट पेश करेंगी।

हर वर्ग और क्षेत्र के लोग इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। ज्योतिषीय गणना के आधार पर जानते हैं कि यह बजट आम जनता के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है।

भारत की कुंडली और बजट 2025 का प्रभाव

भारत की कुंडली (15 अगस्त 1947, रात 12 बजे, वृषभ लग्न) के अनुसार बजट पर ग्रहों का क्या प्रभाव पड़ेगा, आइए जानते हैं:

धन और आय का प्रभाव

  • द्वितीय भाव (धन भाव) का स्वामी बुध, भाग्य भाव में सूर्य के साथ गोचर कर रहा है और अस्त अवस्था में है।(Union Budget 2025)
  • एकादश भाव (आय भाव) का स्वामी बृहस्पति लग्न में वक्री अवस्था में है, जबकि एकादश भाव में राहु स्थित है।
  • इन स्थितियों से संकेत मिलता है कि बजट में धन राशि पिछले बजट के समान ही रहेगी और बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है।

जनता के लिए संकेत

  • चतुर्थ भाव (जनता का भाव) के स्वामी की स्थिति भाग्य भाव में है।
  • धन का स्वामी अस्त होने के बावजूद, जनता के हित में धन का उपयोग होगा।
  • शनि की दृष्टि चतुर्थ भाव पर है, जिससे जनता को लाभकारी योजनाओं का अनुभव हो सकता है।

शिक्षा क्षेत्र में बजट का असर

  • पंचम भाव में केतु की स्थिति शिक्षा के क्षेत्र में सतही लाभ का संकेत देती है।
  • हालांकि, शिक्षा में आंतरिक सुधार की संभावना कम है।

रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट

  • चतुर्थ भाव से यातायात और परिवहन का निरीक्षण किया जाता है।
  • शनि और शुक्र की दृष्टि चतुर्थ भाव पर है, जो रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए शुभ संकेत है।
  • नए निर्माण और परिवहन साधनों में सुधार की संभावना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर बजट का प्रभाव

  • षष्ठम भाव (स्वास्थ्य भाव) का स्वामी शुक्र, दशम भाव में स्थित है।
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास की संभावना है, लेकिन बृहस्पति की वक्री स्थिति के कारण कुछ अव्यवस्था हो सकती है।
  • आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा

  • द्वादश भाव (पर्यटन और विदेशी आगमन) का स्वामी मंगल वक्री अवस्था में है।
  • पर्यटन स्थलों और साधनों में सुधार होगा, लेकिन विदेशी पर्यटकों की संख्या में कुछ कमी हो सकती है।

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धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में प्रभाव

  • शनि और सूर्य की मजबूत स्थिति धार्मिक स्थलों और योजनाओं के लिए शुभ संकेत देती है।
  • तीर्थ स्थलों के नवीनीकरण और धार्मिक योजनाओं में वृद्धि की संभावना है।

राहु का अप्रत्याशित प्रभाव

  • एकादश भाव में राहु आकस्मिक घटनाओं और अप्रत्याशित परिणामों का संकेत देता है।
  • सरकार जनता को प्रारंभ में लाभकारी योजनाएं दिखा सकती है, लेकिन अंततः टैक्स के माध्यम से राजस्व बढ़ाने का प्रयास होगा।

निष्कर्ष

बजट 2025 में जनता को राहत देने के प्रयास होंगे, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सीमित लाभ ही मिलेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य में आंशिक सुधार के संकेत हैं, जबकि परिवहन और धार्मिक क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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